Small Cap Share में FIIs की एंट्री तेज! 5 साल में 20 गुना रिटर्न, अब PSU से मिला बड़ा ऑर्डर

Small cap सेगमेंट की यह ऑयल-एंड-गैस सर्विस कंपनी Deep Industries निवेशकों के बीच लगातार चर्चा में बनी हुई है। हाल के क्वार्टर्स में कंपनी में FIIs (Foreign Institutional Investors) की हिस्सेदारी बढ़ना इसके मजबूत फंडामेंटल्स और भविष्य की ग्रोथ पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

साथ ही, कंपनी को देश की दिग्गज PSU ONGC से लगातार नए ऑर्डर और महत्वपूर्ण अपडेट्स मिलते रहे हैं, जिससे इसके बिजनेस पर पॉजिटिव असर पड़ा है।

Deep Industries ऑयल-एंड-गैस सेक्टर में Gas Compression Services, Workover Rigs और Production Enhancement Operations जैसी स्पेशलाइज्ड सेवाएं प्रदान करती है।

कंपनी का बिजनेस मॉडल लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, जिसमें ONGC जैसे बड़े PSU क्लाइंट्स शामिल हैं। इससे कंपनी को स्थिर रेवेन्यू विजिबिलिटी और कैश फ्लो मिलता है।

साल 2024 में ONGC से मिला 15 साल का बड़ा Production Enhancement Project कंपनी के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।

इस लंबे टेन्योर के कॉन्ट्रैक्ट ने न सिर्फ Deep Industries की ऑर्डर बुक को मजबूत किया, बल्कि आने वाले वर्षों की ग्रोथ को भी बेहतर विजिबिलिटी दी है।

बीते 5 सालों में शेयर ने मल्टीबैगर रिटर्न देकर निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिए हैं, जिससे यह स्टॉक लॉन्ग-टर्म निवेशकों की वॉचलिस्ट में बना हुआ है।

कुल मिलाकर, बढ़ती FII हिस्सेदारी, ONGC से मिले बड़े और लंबे कॉन्ट्रैक्ट्स, और मजबूत ऑयल-एंड-गैस सर्विस पोर्टफोलियो के चलते Deep Industries एक मजबूत small-cap स्टॉक के रूप में उभरकर सामने आती है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

Deep Industries में FII हिस्सेदारी का ट्रेंड (Small Cap)

निवेशकों के लिए एक अहम संकेत बनकर सामने आ रहा है। अक्टूबर 2025 तक उपलब्ध लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, कंपनी में Foreign Institutional Investors (FIIs) की हिस्सेदारी लगातार मजबूत होती दिखी है।

हाल के क्वार्टर्स में FII स्टेक लगभग 1.5% से 2.1% की रेंज में रहा, जबकि सितंबर 2025 तिमाही में यह बढ़कर करीब 2.09% दर्ज किया गया, जो संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

वहीं, Domestic Institutional Investors (DIIs) की हिस्सेदारी करीब 1.15% के आसपास रिपोर्ट की गई है। कंपनी में प्रमोटर्स का स्टेक लगभग 63.49% बना हुआ है, जो मैनेजमेंट के मजबूत नियंत्रण और लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट को दर्शाता है।

इसके अलावा, रिटेल और अन्य निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 33–34% के दायरे में बनी हुई है, जिससे स्टॉक में लिक्विडिटी और पब्लिक पार्टिसिपेशन भी संतुलित नजर आता है।

कुल मिलाकर, बढ़ती FII होल्डिंग, मजबूत प्रमोटर हिस्सेदारी और संतुलित रिटेल पार्टिसिपेशन के चलते Deep Industries का शेयरहोल्डिंग पैटर्न निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत देता है और इसे स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाता है।

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Deep Industries का 5 साल का रिटर्न

निवेशकों के बीच इसे एक मजबूत मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में स्थापित करता है। हिंदी आर्थिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के शेयर ने पिछले 5 वर्षों में 2000% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जो स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक असाधारण परफॉर्मेंस माना जाता है। इस दौरान लॉन्ग-टर्म निवेशकों को शानदार वेल्थ क्रिएशन का फायदा मिला है।

साल 2025 के दौरान स्टॉक ने 52-वीक हाई और लो दोनों स्तरों का अनुभव किया, जहां बीच-बीच में गिरावट और तेज उछाल देखने को मिला।

शॉर्ट-टर्म में प्राइस मूवमेंट भले ही वोलैटाइल रहा हो, लेकिन इसके बावजूद लंबी अवधि का CAGR मजबूत बना रहा है, जो कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और ग्रोथ आउटलुक को दर्शाता है।

हालांकि, 1-साल के रिटर्न में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे यह साफ होता है कि स्टॉक में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।

इसके बावजूद, बीते 5 साल का प्रदर्शन बताता है कि Deep Industries ने लॉन्ग-टर्म निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देकर खुद को एक हाई-ग्रोथ ऑयल-एंड-गैस सर्विस कंपनी के रूप में साबित किया है।

PSU ONGC से मिले ऑर्डर और लेटेस्ट अपडेट्स

PSU ONGC से मिले ऑर्डर और लेटेस्ट अपडेट्स ने Deep Industries को निवेशकों की नजर में एक बार फिर मजबूत बनाया है।

सितंबर 2024 में ONGC से मिला ₹1,402 करोड़ का 15-वर्षीय Production Enhancement Contract कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना गया।

इस बड़े और लंबे टेन्योर के ऑर्डर से न सिर्फ कंपनी की ऑर्डर बुक में जबरदस्त मजबूती आई, बल्कि यह संकेत भी मिला कि ऑर्डर बुक दोगुनी से अधिक हो सकती है। इस खबर के बाद शेयर प्राइस में तेज उछाल देखने को मिला था।

इसके बाद जनवरी 2025 में ONGC से मिला ₹90.7 करोड़ का 7 साल का Workover Rig Hiring Contract भी कंपनी के ऑर्डर पोर्टफोलियो को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।

ये दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि ONGC जैसी बड़ी PSU का Deep Industries पर भरोसा लगातार बना हुआ है और कंपनी को लंबे समय तक स्थिर रेवेन्यू विजिबिलिटी मिलती रहेगी।

कुल मिलाकर, ONGC से मिले लंबी अवधि के हाई-वैल्यू ऑर्डर्स, मजबूत होती ऑर्डर बुक और शेयर प्राइस में दिखा पॉजिटिव रिएक्शन यह दर्शाता है कि Deep Industries ऑयल-एंड-गैस सर्विस सेक्टर में एक मजबूत प्लेयर के रूप में उभर रही है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

हालिया वित्तीय प्रदर्शन और मजबूत ऑर्डरबुक

हालिया वित्तीय प्रदर्शन और मजबूत ऑर्डरबुक ने Deep Industries की ग्रोथ स्टोरी को और स्पष्ट किया है। कंपनी ने FY25 की पहली छमाही और शुरुआती तिमाहियों में राजस्व (Revenue) और शुद्ध लाभ (Profit) में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।

ONGC से मिले बड़े 15-वर्षीय प्रोडक्शन एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट के बाद कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रेंथ को लेकर बाजार में लगातार चर्चा बनी रही।

इस लंबे टेन्योर के हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट से आने वाले वर्षों के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी और कैश फ्लो स्टेबिलिटी में बड़ा सुधार देखने को मिलता है।

एक्सचेंज और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, Q1 FY26 में भी Deep Industries ने राजस्व वृद्धि और बेहतर EPS दर्ज किया है।

यह संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल स्केल-अप फेज में प्रवेश कर चुकी है और बड़े प्रोजेक्ट्स का असर अब फाइनेंशियल्स में दिखने लगा है।

कुल मिलाकर, मजबूत तिमाही नतीजे, बढ़ती ऑर्डरबुक और ONGC जैसे PSU से मिले लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स के चलते Deep Industries का हालिया वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत देता है और इसे स्मॉल-कैप सेगमेंट में एक मजबूत ग्रोथ स्टॉक बनाता है।

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