Hindustan Copper Limited भारत की एकमात्र इंटीग्रेटेड कॉपर कंपनी है, जो माइनिंग से लेकर स्मेल्टिंग और रिफाइनिंग तक पूरी वैल्यू चेन में काम करती है।
यही वजह है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा ट्रांज़िशन और देश में तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते कॉपर की बढ़ती मांग का यह शेयर बड़ा लाभार्थी माना जा रहा है।
5 जनवरी 2026 को Hindustan Copper का शेयर लगभग ₹552–₹565 के दायरे में ट्रेड करता देखा गया। उस समय कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹53–54 हजार करोड़ के आसपास रहा, जबकि P/E रेशियो लगभग 92 दर्ज किया गया, जो निवेशकों की ओर से लॉन्ग-टर्म हाई ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है।
कंपनी की भविष्य की ग्रोथ रणनीति भी काफी मजबूत दिखाई देती है। Hindustan Copper ने FY31 तक अपनी ओरे कैपेसिटी को करीब 3.5 गुना बढ़ाकर 12.2 MTPA तक ले जाने और कॉपर कॉन्सन्ट्रेट वॉल्यूम को लगभग 4 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
इस बड़े कैपेसिटी एक्सपैंशन से आने वाले वर्षों में कंपनी को वॉल्यूम-ड्रिवन ग्रोथ मिलने की मजबूत संभावनाएं बनती हैं।
कुल मिलाकर, मजबूत बिज़नेस मॉडल, स्ट्रैटेजिक कैपेसिटी विस्तार और कॉपर की बढ़ती घरेलू व वैश्विक मांग के कारण Hindustan Copper Limited को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देखा जा रहा है।
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लेटेस्ट रिज़ल्ट और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (Q2 FY26) Hindustan Copper Limited
Hindustan Copper Limited ने Q2 FY26 में शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दर्ज की है, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल क्षमता और अनुकूल मार्केट कंडीशंस को दर्शाती है।
इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹718 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही (Q2 FY25) में यह लगभग ₹518 करोड़ था।
इस तरह सालाना आधार पर लगभग 39% की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। वहीं, टोटल इनकम बढ़कर करीब ₹729 करोड़ तक पहुंच गई।
प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। Q2 FY26 में नेट प्रॉफिट करीब ₹186 करोड़ रहा, जो Q2 FY25 के ₹102 करोड़ की तुलना में लगभग 83% की जबरदस्त बढ़त को दिखाता है।
इसी अवधि में प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) बढ़कर ₹248.6 करोड़ हो गया, जिसमें करीब 84% की YoY ग्रोथ दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी के मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मैनेजमेंट के अनुसार, कॉपर प्राइस में मजबूती, बेहतर रियलाइजेशन, वॉल्यूम ग्रोथ और प्रभावी लागत नियंत्रण के चलते कंपनी का EBITDA मार्जिन लगभग 29% से 39% के दायरे में पहुंच गया है। यह ट्रेंड आने वाले क्वार्टर्स में अर्निंग्स ग्रोथ के लिए पॉज़िटिव संकेत माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, Q2 FY26 के नतीजे यह दिखाते हैं कि Hindustan Copper Limited मजबूत फंडामेंटल्स, बेहतर मार्जिन और बढ़ती मांग के दम पर लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पाथ पर आगे बढ़ रही है।
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ऑर्डर बुक, CAPEX और ग्रोथ प्लान
Hindustan Copper Limited ने अपनी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को तेज़ करने के लिए देश के प्रमुख कॉपर प्रोजेक्ट्स मंय बड़े पैमाने पर CAPEX निवेश शुरू किया है।
कंपनी मध्य प्रदेश के Malanjkhand, राजस्थान के Khetri, Indian Copper Complex और झारखंड के Rakha–Kendadih जैसे अहम प्रोजेक्ट्स में अंडरग्राउंड माइनिंग, नए कंसंट्रेटर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष फोकस कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य FY31 तक ore capacity को बढ़ाकर लगभग 12.2 MTPA तक ले जाना है। इसके साथ ही कॉपर कॉन्सन्ट्रेट वॉल्यूम को 1 लाख टन से अधिक करने और नए डिपॉज़िट्स जोड़कर अपने resource base को कई गुना बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
यह विस्तार योजना आने वाले वर्षों में कंपनी की ऑर्डर बुक, प्रोडक्शन विज़िबिलिटी और रेवेन्यू स्टेबिलिटी को काफी मजबूत बनाती है।
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा एक्सपेंशन प्लान भारत में तेजी से बढ़ती कॉपर डिमांड को घरेलू स्रोतों से पूरा करने और साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
इसके लिए Hindustan Copper नई माइन डेवलपमेंट, आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर लगातार काम कर रही है।
कुल मिलाकर, आक्रामक CAPEX, मजबूत ऑर्डर बुक विज़िबिलिटी और दीर्घकालिक ग्रोथ प्लान के चलते Hindustan Copper Limited को भारत की कॉपर ग्रोथ स्टोरी का अहम स्तंभ माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
टेक्निकल एनालिसिस और मार्केट सेंटिमेंट
Hindustan Copper Limited का शेयर टेक्निकल चार्ट पर इस समय 52-week हाई के बेहद करीब ट्रेड करता दिख रहा है। कैलेंडर ईयर 2025 में स्टॉक ने ₹200–210 के ज़ोन से निकलकर ₹500+ के ऊपर तक का तेज़ सफर तय किया,
जिसे बाज़ार में मल्टीबैगर जैसा मूव माना जा रहा है। इस रैली को मजबूत वॉल्यूम सपोर्ट मिला है, जो स्पष्ट रूप से स्ट्रॉन्ग अपट्रेंड का संकेत देता है।
मौजूदा स्तरों पर स्टॉक अपने हाल के स्विंग हाई के ऊपर सस्टेन कर रहा है और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज (जैसे 50-DMA और 200-DMA) के ऊपर मजबूती से ट्रेड होने के कारण ओवरऑल ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है।
हालांकि, तेज़ रैली और हाई वैल्यूएशन के बाद शॉर्ट-टर्म में करेक्शन या बढ़ी हुई वोलैटिलिटी की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
कई प्रमुख टेक्निकल एनालिसिस प्लेटफ़ॉर्म्स Hindustan Copper को अभी भी लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड में मानते हैं। उनका मानना है कि डिप्स पर बायिंग स्ट्रैटेजी फिलहाल प्रभावी रह सकती है।
साथ ही RSI, MACD जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स मीडियम-टर्म में बुलिश बायस दिखा रहे हैं, जो निवेशकों और ट्रेडर्स दोनों के लिए पॉज़िटिव मार्केट सेंटिमेंट को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, टेक्निकल संकेतक बताते हैं कि ट्रेंड अभी भी ऊपर की ओर है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में रिस्क मैनेजमेंट और प्रॉफिट-बुकिंग लेवल्स पर नज़र रखना जरूरी है।
Hindustan Copper Share Price Target 2026–2035 (Year-wise)
| साल | न्यूनतम टारगेट (₹) | अधिकतम टारगेट (₹) |
|---|---|---|
| 2026 | 320 | 420 |
| 2027 | 450 | 500 |
| 2028 | 550 | 620 |
| 2029 | 850 | 1100 |
| 2030 | 1500 | 2100 |
| 2031 | 2300 | 3200 |
| 2032 | 2600 | 3600 |
| 2033 | 2900 | 3900 |
| 2034 | 3200 | 4400 |
| 2035 | 3500 | 5000 |
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, हम इसकी पूर्णता या सटीकता की कोई गारंटी नहीं देते।